इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आई है। कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को इंदौर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इससे पहले जिला कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

अनवर कादरी पर लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मामलों में गंभीर आरोप हैं। उन पर यह आरोप है कि उन्होंने एक विशेष समुदाय के युवकों को पैसा देकर लव जिहाद को बढ़ावा दिया और उन्हें प्रेरित किया। इस मामले ने शहर में सामाजिक और साम्प्रदायिक वातावरण को प्रभावित किया और नागरिकों में आक्रोश पैदा किया।
दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज
पार्षद अनवर कादरी के खिलाफ इंदौर जिले के विभिन्न थानों में 26 से अधिक अपराध दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम जैसी धाराओं में गंभीर प्रकरण शामिल हैं।
पार्षदी खत्म, पांच साल के लिए अयोग्य
इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने नगर निगम इंदौर के वार्ड क्रमांक 58 के पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटा दिया और धारा-23 के तहत पांच साल के लिए अयोग्य घोषित किया। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(1)(अ) के तहत की गई। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भी संभागायुक्त से अनवर कादरी को हटाने की मांग की थी।
अब हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद अनवर कादरी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे, जबकि पुलिस पूरी घटनाओं की जांच में लगी हुई है।