छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एसओजी के गठन को मंजूरी, स्टार्टअप नीति पर लगी मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने सुरक्षा, तकनीक और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है।

नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एसओजी का गठन

राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने जिला स्तरीय ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ के गठन का निर्णय लिया है। इसके लिए 100 नए पदों की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, पुलिस मुख्यालय में एक ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (एसओजी) का भी गठन किया जाएगा, जिसके लिए 44 नए पद सृजित किए गए हैं।

नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा

कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26’ को मंजूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उद्यमशीलता से जोड़ना और नए व्यवसायों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। साथ ही, राज्य में निजी सहभागिता के माध्यम से ‘फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन’ (एफटीओ) की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है।

डिजिटल कनेक्टिविटी और क्लाउड नीति

ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ‘मोबाइल टावर योजना’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत उन इलाकों में टावर लगाए जाएंगे जो वर्तमान में नेटवर्क विहीन हैं। इसके साथ ही, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति’ लागू करने की भी स्वीकृति मिली है।

विकास और प्रशासनिक सुधार

नया रायपुर में शासकीय कार्यालयों के संचालन के लिए बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जाएगा। वहीं, शासकीय भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसके अधिकार अब जिला कलेक्टरों को सौंप दिए गए हैं। इसके अलावा, गृह निर्माण मंडल और आरडीए द्वारा विकसित की गई पूर्ण कॉलोनियों को अब नगर निकायों के सुपुर्द किया जाएगा, ताकि वहां नागरिक सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन हो सके।

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