बैकुंठपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले का असर कोरिया जिले के बैकुंठपुर और सोनहत क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के दायरे में कोरिया जिले में पदस्थ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सब-इंजीनियर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में की गई नियुक्तियों को अवैध ठहराते हुए स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि विज्ञापन में तय कट-ऑफ तिथि तक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता न रखने के बावजूद कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी गई थी, जो कानूनन गलत है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी का वर्षों तक सेवा में बने रहना उसकी नियुक्ति को वैध नहीं बना सकता। सहानुभूति के आधार पर भर्ती नियमों से समझौता नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कोरिया जिले के बैकुंठपुर और सोनहत में पदस्थ सब-इंजीनियरों की स्थिति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। माना जा रहा है कि आदेश के पालन के बाद ग्रामीण विकास और निर्माण कार्यों पर भी अस्थायी असर पड़ सकता है। वहीं, यह फैसला सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के फैसले का असर कोरिया में भी, बैकुंठपुर और सोनहत में पदस्थ सब-इंजीनियरों की नियुक्ति रद्द
04
Feb