राजिम। गरियाबंद जिले के ग्राम दुतकैय्या में हुई हालिया हिंसक घटनाओं के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्लिम समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। राजिम नवापारा में आयोजित इत्तेहाद कमेटी एवं मुस्लिम जमात की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्य आरोपी आरिफ खान और उसके परिवार को न केवल गांव से, बल्कि जिले की सीमा से भी दूर रखा जाए।
जमात के अध्यक्ष अल्तमश सिद्दिकी ने बताया कि ग्राम दुतकैय्या निवासी महमुद्दीन कुरैशी के पुत्र आरिफ खान की निरंतर आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि आरिफ खान वर्ष 2024 में एक मंदिर में हुई तोड़फोड़ के मामले में जमानत पर बाहर आया था। आरोप है कि बाहर आने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते 1 फरवरी को फिर से हिंसक वारदातों को अंजाम दिया।
इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया था और प्रशासन से मामले की सूक्ष्म जांच की मांग की थी। बिगड़ते सामाजिक सौहार्द को देखते हुए मुस्लिम जमात ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के परिवार को आसपास के जिलों में भी रहने की अनुमति न दी जाए।
जमात ने संकट के समय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस प्रशासन के कार्य की सराहना की है। साथ ही मांग की गई है कि इस हिंसा और आगजनी से प्रभावित हुए परिवारों को शासन की ओर से उचित मुआवजा दिलाया जाए। बैठक में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने क्षेत्र में भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है।