कोयला घोटाला: सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने आर्थिक अपराध को बताया गंभीर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू को हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि आर्थिक अपराध अत्यंत गंभीर होते हैं और इनसे देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

नारायण साहू पर 540 करोड़ रुपये के अवैध कोयला लेवी घोटाले में शामिल होने का आरोप है। उसके खिलाफ दो साल पहले स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। एसीबी और ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, नारायण साहू ने कोयला सिंडिकेट के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये की अवैध नगदी एकत्र की थी। इसमें से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये विभिन्न अधिकारियों और नेताओं तक पहुंचाने का आरोप भी उस पर लगाया गया है।

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कुछ रसूखदारों और नौकरशाहों की मिलीभगत से कोयला परिवहन पर 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध वसूली के लिए एक रैकेट चलाया गया था। इस सिंडिकेट ने कुल 540 करोड़ रुपये वसूले थे, जिसका उपयोग रिश्वत देने, चुनावी खर्च और चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में अब तक 273 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुका है। प्रकरण में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 35 लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में शिकायतें दर्ज की गई हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *