न्यायालय ने 6 गांजा तस्करों को 12-12 वर्षों का कारावास व डेढ़ डेढ़ लाख रुपये का जुर्माने की सजा

दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली, सिंघोड़ा व बलौदा थाना में पकड़े गये गांजा तस्करों के खिलाफ अब सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा इसे गंभीर आचरण मानते हुवे लगातार कड़ी सजा दी जा रही है । अभी तक लगभग 6-7 प्रकरणों में सभी आरोपियों को लंबी कारावास व जुर्माने की सजा दी जा चुकी है । ज्ञातव्य हो कि अवैध गांजा का मुख्य श्रोत केंद्र ओडिशा है जहां से आये दिनों देश के विभिन्न राज्यों के तस्करों द्वारा विभिन्न वाहनों से तस्करी की जाती है । पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही के बाद भी यह अवैध तस्करी का कार्य थम नहीं रहा है । तस्कर भी तस्करी के नए नए तरीके अपना रहे हैं । उसके बाद भी सजग व सक्रिय पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं । सरायपाली व खासकर महासमुंद जिला उड़ीसा सीमा से लगे होने के कारण तस्करी थी से अधिक होती है ।


उक्त प्रकरण में विगत 30/12/2025 को प्रकरण के अंतिम सुनवाई पश्चात् वंदना दीपक देवागंन विशेष न्यायाधीश (NDPS) सरायपाली के न्यायालय में थाना सिंघोडा के अपराध कमांक 06/2024 धारा 20 (ग) नारकोटिक एक्ट के प्रकरण में छः आरोपीयों को अपने वाहन बोलेरो कार कमांक MP 09 FA 1779 में 50 कि.ग्रा. गांजा परिवहन के मामले में दोषी पाते हुए सभी आरोपी मानसिंग राजपूत, मुकेश मालबी, मोहनलाल जमादार, नटवर कावल, पिरूलाल पुजारी एवं प्रेमसिंग राजपुत को 12-12 वर्ष का सश्रम कारावास तथा डेढ लाख रू. का अर्थदण्ड प्रत्येक को, अर्थदण्ड भुगतान न करने पर 1-1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास के दण्ड से दण्डित किया साथ ही अपराध में प्रयुक्त वाहन के राजसात की कार्यवाही के लिए आदेशित किया गया। उल्लेखनीय है कि उक्त मामले में स्वतंत्र साक्षी भूपेन्द्र साहू, गुषामणी प्रधान तथा रमेश नायक पक्ष द्रोही हो गये, इन्होंने अभियोजन का समर्थन नहीं किया था परन्तु हमराह स्टॉफ जीवर्धन बरिहा, रोहित सिदार, एसडीओपी कार्यालय में पदस्थ आरक्षक भूपति पटेल तथा विवेचक सहायक उपनिरीक्षक लक्ष्मण साहू के न्यायालयीन कथन पर विश्वास करते हुए माननीय विशेष न्यायालय के द्वारा दोषी पाते हुए उक्त निर्णय दिया गया ।
उक्त प्रकरण की पैरवी देवेंद्र शर्मा विशेष लोक अभियोजक NDPS सरायपाली द्वारा की गई ।

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