भानुप्रतापपुर। जहां एक ओर प्रदेश सरकार बेहतर सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों का बजट जारी कर रही है, वहीं अंतागढ़ में लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी कार्यालय की मर्यादा को ताक पर रखकर इसे पिकनिक स्पॉट बना चुके हैं। ताजा मामला विभाग के कार्यालय का है, जहां कार्य समय के दौरान फाइलों के बीच ‘बकरा-भात’ की दावत चल रही है।
कार्यालय में चूल्हा, सड़कों पर भ्रष्टाचार
मंगलवार से शुरू हुए अंतागढ़ मेले के नाम पर पिछले दो दिनों से पीडब्ल्यूडी कार्यालय में जश्न का माहौल है। गुरुवार को तो हद ही हो गई, जब कार्यालय परिसर में बकरा पकाकर दावत उड़ाई गई। एसडीओ अरविंद मिलिंद के कथित संरक्षण में पूरा स्टाफ अपनी ड्यूटी और जनता के काम छोड़कर इस पार्टी में मशगूल दिखा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब अधिकारी ऑफिस में ही पार्टी करेंगे, तो फील्ड पर काम की गुणवत्ता कौन देखेगा?
अंतागढ़-नारायणपुर मार्ग: गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
इन दिनों अंतागढ़ से नारायणपुर मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए लाइफलाइन है, लेकिन अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी के कारण सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं की शिकायतें आ रही हैं।
निरीक्षण का अभाव: अधिकारी निरीक्षण करने के बजाय दफ्तर में पार्टी करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शिकायतें दरकिनार: निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर पूर्व में भी विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन “बकरा-भात” की संस्कृति में डूबे अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
सरकार की मंशा पर पानी फेरते जिम्मेदार
एक तरफ सरकार सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ अंतागढ़ पीडब्ल्यूडी के अधिकारी वर्किंग टाइम में पार्टी कर सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इन लापरवाह अधिकारियों पर शासन कोई कड़ी कार्रवाई करेगा या फिर इसी तरह सरकारी दफ्तर ‘अय्याशी के अड्डे’ बने रहेंगे?