अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के दौरान एक अत्यंत दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक 62 वर्षीय महिला के शव परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उसके पेट से करीब 11 किलोग्राम वजन की गर्भाशय की रसौली (फाइब्राइड) निकाली है। इतनी विशाल रसौली और उसके 20 साल पुराने होने की बात जानकर विशेषज्ञ चिकित्सक भी हैरान हैं।
फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतू बाग ने बताया कि मृतका महेश्वरी पिछले दो दशकों से पेट में सूजन की समस्या से जूझ रही थी। इसके बावजूद उसने कभी किसी डॉक्टर से जांच या उपचार नहीं कराया। परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी को महिला को अचानक चक्कर आया और वह गिर पड़ी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जब शव का पोस्टमार्टम किया गया, तो यह चौंकाने वाली स्थिति सामने आई।
डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान निकाली गई इस रसौली की परिधि लगभग 32 इंच पाई गई है। आमतौर पर इतनी बड़ी रसौली होने पर मरीज को असहनीय पीड़ा और चलने-फिरने में भारी कठिनाई होती है, लेकिन महिला ने इतने वर्षों तक इसे बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के सहन किया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, यह केस चिकित्सा विज्ञान के नजरिए से काफी दुर्लभ है क्योंकि इतनी बड़ी गांठ शरीर के भीतर कई अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती थी।