जमीन हड़पने के रैकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर नईमुद्दीन के परिवार पर केस दर्ज

दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 के तहत दिवंगत गैंगस्टर ख्वाजा नईमुद्दीन उर्फ नईम, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है। यह मामला रंगारेड्डी जिले की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया, जिस पर 21 जनवरी 2026 को न्यायालय ने संज्ञान लिया।

ईडी ने अपनी शिकायत में पाशम श्रीनिवास, हसीना बेगम, मोहम्मद ताहिरा बेगम, मोहम्मद सलीमा बेगम, मोहम्मद अब्दुल सलीम, अहेला बेगम, सैयद नीलोफर, फिरदौस अंजुम, मोहम्मद आरिफ और हीना कौसर को आरोपी बनाया है।

जांच में सामने आया कि नईमुद्दीन और उसका गिरोह लोगों की जमीनों पर जबरन कब्जा करता था। संपत्तियों की पहचान कर मालिकों को धमकाया जाता, अपहरण किया जाता और दबाव बनाकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में जबरन बिक्री दस्तावेज पंजीकृत कराए जाते थे। पीड़ितों को कोई भुगतान नहीं किया जाता था और डर के कारण वे पुलिस में शिकायत भी नहीं कर पाते थे।

ईडी की कार्रवाई तेलंगाना पुलिस की प्राथमिकी और आयकर विभाग से मिली जानकारियों के आधार पर की गई। आयकर विभाग ने पहले ही बेनामी संपत्ति और लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत कई संपत्तियों को अटैच किया था। इसके अलावा राज्य सरकार की विशेष जांच टीम ने भी नईमुद्दीन की अवैध संपत्तियों की जांच की थी।

जांच में यह भी पाया गया कि नईमुद्दीन के करीबी पाशम श्रीनिवास ने उसके परिवार और सहयोगियों के नाम पर कुल 91 संपत्तियां जबरन पंजीकृत कराईं। इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय माना गया है और इन्हें केंद्र सरकार द्वारा जब्त किए जाने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि ख्वाजा नईमुद्दीन उर्फ नईम हैदराबाद का कुख्यात गैंगस्टर था, जिसकी 2016 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उसका गिरोह जमीन हड़पने, अपहरण और धमकी जैसे अपराधों के जरिए करोड़ों की संपत्ति जमा करता रहा। ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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