कोरबा। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) बिलासपुर की टीम ने आज कोरबा जिले के दीपका में बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग) के सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है।
खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर मांगी थी घूस एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि ग्राम रलिया निवासी श्यामता टंडन ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, ग्राम दर्री में उनके मित्र के पिता की कृषि जमीन पर ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए आवेदन दिया गया था। इसके बदले सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर ने निरीक्षण के बाद ‘नाश्ता-पानी’ के नाम पर 80,000 रुपये की मांग की थी। इसमें से 30,000 रुपये पहले ही लिए जा चुके थे, लेकिन प्रार्थी शेष 50,000 रुपये नहीं देना चाहता था और आरोपी को पकड़वाना चाहता था।

कार्यालय में ही बिछाया गया जाल शिकायत के सत्यापन के बाद आज, 28 जनवरी 2026 को ट्रैप की योजना बनाई गई। जैसे ही प्रार्थी ने दीपका स्थित कार्यालय में आरोपी अभियंता को 50,000 रुपये की रिश्वती राशि दी, घेराबंदी कर खड़ी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज पकड़े गए आरोपी सत्येंद्र दिवाकर के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कानूनी कार्यवाही की जा रही है। एसीबी ने अपील की है कि यदि कोई भी लोकसेवक रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम कसी जा सके।