अधिवक्ता संघ के निर्वाचित शपथ समारोह
भानुप्रतापपुर।अधिवक्ता संघ भानुप्रतापपुर का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव कुमार टामक प्रधान न्यायाधीश, उत्तर बस्तर कांकेर, विशेष अतिथि दीपक कुमार गुप्ता जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानुप्रतापपुर,
विशेष अतिथि विजय कुमार मिंज जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पखांजूर, विभा पांडेय जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांकेर सहित
न्यायिक अधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ताओ की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न की गई।
नव निर्वाचित पदाधिकारी
एम.एम. उप्रेती अध्यक्ष
संस्थापक,संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष ने अधिवक्ता संघ भानुप्रतापपुर ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक विश्वास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश नायर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष नमिता विश्वास, सचिव सुकलाल सलाम, रितिक गुप्ता सह सचिव, वनिता सोनी कोषाध्यक्ष, विनोद दुग्गा ग्रंथपाल को शपथ दिलाया गया।
अतिथियों का उद्बोधन
अधिवक्ता संघ को सम्बंधित करते हुए श्री टामक ने अपने न्यायिक अनुभव साझा करते हुए अधिवक्ताओं, विशेषकर जूनियर वकीलों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और गुणवत्ता आधारित वकालत का संदेश दिया। वे अक्टूबर 2016 से जुलाई 2019 तक भानुप्रतापपुर में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान अंडर-ट्रायल मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया। उस समय लगभग 250 लंबित मामलों में से केवल 33 मामलों को शेष रखना एक बड़ी उपलब्धि रही, जिसे उन्होंने पूरी टीम का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि पुनः उसी जिले में जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
न्यायालय परिसर में पार्किंग, कैंटीन और शौचालय जैसे बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु कार्य जारी हैं।
अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं सीधे उनके समक्ष रखें। जूनियर वकीलों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि पैसे के पीछे मत भागिए, अपने काम की गुणवत्ता पर ध्यान दीजिए, पैसा खुद आपके पीछे आएगा।
उन्होंने वकालत को एक मिशन बताते हुए तीन मूल मंत्र दिए
पहला, पूरी मेहनत करें कि केस न हारें; दूसरा, केस हारने पर भी मुवक्किल का विश्वास न खोएं;
और तीसरा, किसी भी स्थिति में अदालत का विश्वास न टूटने दें।
कांकेर और जगदलपुर में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायिक कर्मचारियों और बार का सहयोग हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने कर्मचारियों के लिए रोटेशन नीति, गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अनुचित कार्य से दूर रहने की सख्त हिदायत दी।
श्री गुप्ता ने कहा कि बार और बेंच के बीच विश्वास को न्यायिक प्रणाली की रीढ़ बताते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एक बार अदालत का विश्वास जीतने से कठिन मुकदमे में सफलता मिली, वहीं दूसरी बार विश्वास डगमगाने से उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर नुकसान उठाना पड़ा।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि न्यायालय अब तेजी से ई-फाइलिंग और पेपरलेस सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। सभी महत्वपूर्ण आदेश ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे और कॉज-लिस्ट में पारदर्शिता लाई जाएगी। वकीलों की सूची और संपर्क विवरण भी अपडेट किए जा रहे हैं ताकि सूचना तंत्र मजबूत हो सके।
इनके अलावा श्री मिंज सर,विभा पांडेय मेडम, श्री यादव ने भी अपने विचार रखते हुए न्यायिक व्यवस्था, वकालत की गरिमा और बार-बेंच के समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे गए।
आभार अध्यक्ष ने किया
अध्यक्ष दीपक विश्वास ने आभार व्यक्त करते हुए यह संकल्प लिया गया कि कांकेर भानुप्रतापपुर न्यायिक व्यवस्था को छत्तीसगढ़ में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंच संचालन राजेश तिवारी एवं त्रिभुवन शंकर यादव ने किया
इस अवसर पर अधिवक्ता निखिल ठाकुर होरीलाल यदु, गोपालशील, रमेश वलेन्द्र,देवेन्द्र जैन, सतीश पाठक, विश्वनाथ निषाद, धनराज जैन, ईश्वरी साहू, संतोष साहू, महेश दर्रो, आशीष श्रीवास्तव, सीमा तिवारी त्रिभुवन शंकर यादव सहित
भानुप्रतापपुर, कांकेर एवं पखांजूर के अधिवक्ता व कर्मचारी उपस्थित थे,