चारामा, 27 जनवरी 2026/ 77वां गणतंत्र दिवस चौकी हल्बा पुलिस द्वारा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पुलिस चौकी हल्बा प्रभारी द्वारा उन 40 जांबाज मछुआरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने मानवता की मिसाल पेश करते हुए गंगरेल बांध के गहरे पानी में पांच दिनों तक लगातार खोजबीन की थी।
क्या थी पूरी घटना? बीती 18 जनवरी 2026 को ग्राम देवीनवागांव में मोहरगंज शेारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 4 आरोपियों और 4 विधि से संघर्षरत बालकों ने मारपीट कर हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को पत्थर से बांधकर गंगरेल बांध के गहरे डुबान क्षेत्र में फेंक दिया था।
मछुआरों का सराहनीय योगदान मृतक के शव की तलाश में ग्राम देवीनवागांव, बारगरी, कोसमी, मुस्केरा एवं बिरनपुर के मछुआरों ने निस्वार्थ भाव से पुलिस टीम का साथ दिया। कड़ाके की ठंड और गहरे पानी की चुनौतियों के बीच इन मछुआरों ने 05 दिनों तक अथक प्रयास कर शव को खोजने में सफलता प्राप्त की और पुलिस प्रशासन के प्रति अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मान समारोह पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री निखिल अशोक कुमार राखेचा के आदेशानुसार, चौकी हल्बा प्रभारी (निरीक्षक) श्री कोमल भूषण पटेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन 40 मछुआरों को साल ओढ़ाकर और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया। पुलिस ने इन ग्रामीणों के साहस और सहयोग की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।