देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सख्ती का सामना करना पड़ा है। विंटर शेड्यूल में 10 फीसदी कटौती के आदेश के बाद इंडिगो ने जनवरी से मार्च के बीच घरेलू हवाई अड्डों पर 717 उड़ान स्लॉट छोड़ दिए हैं।
यह कार्रवाई दिसंबर 2023 की शुरुआत में हुई भारी विमानन अव्यवस्था के बाद की गई है। 3 से 5 दिसंबर के बीच कोहरे और परिचालन खामियों के चलते इंडिगो की 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं और लगभग 1,800 उड़ानें देरी से चलीं, जिससे करीब तीन लाख यात्री प्रभावित हुए थे।

मेट्रो शहरों पर ज्यादा असर
सूत्रों के अनुसार, छोड़े गए स्लॉट्स में से 364 स्लॉट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के हैं। इनमें हैदराबाद और बेंगलुरु सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। हालात को संभालने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अन्य एयरलाइंस से इन स्लॉट्स के लिए आवेदन मांगे हैं, हालांकि मौजूदा रूट बंद करने की अनुमति नहीं होगी।
दूसरी एयरलाइंस क्यों हिचक रही हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी कंपनियां इन स्लॉट्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा सकतीं। वजह यह है कि अधिकतर स्लॉट देर रात या तड़के की रेड-आई फ्लाइट्स से जुड़े हैं, जिनमें यात्रियों की संख्या और मुनाफा दोनों कम रहते हैं। साथ ही, इतने कम समय के लिए नए रूट शुरू करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।

इंडिगो पर जुर्माना भी
DGCA ने इससे पहले इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और सीईओ पीटर एलबर्स को चेतावनी दी थी। साथ ही एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया गया है।