रायपुर। पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में साहित्य के साथ-साथ चित्रकला ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। सुरेंद्र दुबे मंडप में लगी चित्रकला प्रदर्शनी उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनी रही, जहां छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और जनजीवन को दर्शाती कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ महतारी, बस्तर बाजार, राजिम कुंभ और रामगढ़ की पहाड़ियों जैसे विषयों पर बनी पेंटिंग्स ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। इन चित्रों के साथ सेल्फी लेने वालों की भी बड़ी संख्या नजर आई।

कार्यशाला संयोजक भोजराज धनगर ने बताया कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी के साथ पेंटिंग और कार्टून कार्यशालाएं भी चल रही हैं, जहां युवा कलाकार अनुभवी कलाकारों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
साहित्य और कला के इस संगम ने रायपुर साहित्य उत्सव को बहुआयामी स्वरूप दिया, जिसमें शब्दों के साथ रंगों के माध्यम से भी भावनाओं की अभिव्यक्ति देखने को मिली।