दुर्ग। शासकीय चिकित्सक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने महासमुंद निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अंजोरा निवासी सचिन मालगी ने 29 अगस्त 2025 को सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि विकास चंद्राकर नामक युवक ने उसे सरकारी डॉक्टर की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और मई 2023 में इसी बहाने 20 लाख रुपये ले लिए। लंबे समय तक इंतजार के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही पूरी रकम वापस की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने ठगी की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि नौकरी नहीं लगने के बाद उसने पीड़ित और उसकी पत्नी के बैंक खातों में किश्तों में 8 लाख रुपये वापस किए थे।
शेष 13 लाख रुपये लौटाने के लिए आरोपी ने अपने भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 5 लाख और 8 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन खाते में जानबूझकर आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई, जिससे दोनों चेक बाउंस हो गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की यह हरकत उसकी धोखाधड़ी की मंशा को स्पष्ट करती है। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है या नहीं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।