रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही जनहानि से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत प्रदेश के 12 नवीन मार्गों पर 12 नई बसों का शुभारंभ भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के लिए कार्य करने वाले राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कई परिवार उजड़ जाते हैं, किसी मां की गोद सूनी हो जाती है और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान तैयार किए हैं, जो गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन पुलिस मितानों को हेलमेट और फर्स्ट एड किट भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकतर मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से होती हैं, इसलिए दुपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनना चाहिए और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करना चाहिए। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह को औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। वहीं, दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य कई परिवारों को उजड़ने से बचाना है। हेलमेट को अनिवार्य करने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान सुरक्षित रहेगी।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार और 5 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहन चालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ प्रतिनिधियों, एनएचएआई अधिकारियों तथा एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और सड़क सुरक्षा विषय पर स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी और पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड, एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।