जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मिल्क यूनिट स्थापित करने के नाम पर बैंक से 68 लाख रुपए का लोन लिया गया, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। इस गबन का खुलासा होने के बाद बैंक मैनेजर की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
यूनिट के नाम पर लिया लोन, मौके पर मिला सन्नाटा मिली जानकारी के अनुसार, ‘शुद्धि मिल्क’ के प्रोपराइटर हेमराज किरार ने डेयरी यूनिट लगाने के लिए बैंक में आवेदन किया था। बैंक ने प्रोजेक्ट के आधार पर 68 लाख रुपए से अधिक का लोन मंजूर कर दिया। जब बैंक अधिकारी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के लिए प्रस्तावित स्थल पर पहुंचे, तो वहां किसी भी प्रकार की यूनिट या मशीनरी नहीं मिली। लोन की राशि निकाल ली गई थी, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं किया गया था।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला:
हेमराज किरार: शुद्धि मिल्क के प्रोपराइटर, जिन्होंने लोन लिया।
सोनी सिंह: हेटल डेयरी मशीनरीज (कानपुर) के प्रोपराइटर, जिनके माध्यम से मशीनरी की फर्जी बिलिंग या लेनदेन की आशंका है।
अन्य संदेही: EOW बैंक के कुछ अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
EOW ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारी अब बैंक खातों के ट्रांजैक्शन खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि लोन की मोटी रकम कहां ट्रांसफर की गई।