गणतंत्र यात्रा : संविधान को जन–जन से जोड़ने का सतत अभियान

सरायपाली : –छत्तीसगढ़ के सरायपाली विधानसभा क्षेत्र में गणतंत्र की भावना केवल 26 जनवरी के एक दिन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे माह निरंतर चलने वाली गणतंत्र यात्रा के माध्यम से जन–जन तक पहुँचाई जाती है। यह प्रदेश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल है, जिसने सरायपाली को लोकतांत्रिक जागरूकता का एक विशिष्ट केंद्र बना दिया है।

विगत तीन वर्षों से सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद के नेतृत्व में आयोजित की जा रही गणतंत्र यात्रा का मूल उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के विचारों, मूल्यों और संविधान की आत्मा को आम नागरिकों तक पहुँचाना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि संविधान केवल किताबों तक सीमित दस्तावेज नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकार, कर्तव्य और सम्मान की गारंटी है।

भजन, तिरंगा और संविधान का संदेश
गणतंत्र यात्रा की एक विशेष पहचान यह है कि इसे गांवों में “रघुपति राघव राजा राम” जैसे गांधीवादी भजनों के साथ निकाला जाता है। भजन, तिरंगा और संविधान के संदेश के साथ जब यात्रा गांवों की गलियों से गुजरती है, तो वातावरण में देशभक्ति, सद्भाव और सामाजिक एकता का भाव स्वतः प्रस्फुटित हो उठता है। ग्रामीणजन, महिलाएँ, युवा और बच्चे इस यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागी बनते हैं।

60 से अधिक गांवों तक पहुँचा अभियान
अब तक गणतंत्र यात्रा सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों तक पहुँच चुकी है। यात्रा के दौरान शासकीय विद्यालयों, चौपालों और सार्वजनिक स्थलों पर संविधान की प्रस्तावना का पाठ, बच्चों के उद्बोधन, जनसंवाद और विचार–गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सहभागिता इस यात्रा को नई ऊर्जा देती है, जहाँ छोटी उम्र में ही बच्चे संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते दिखाई देते हैं।

बच्चों की सहभागिता बनी प्रेरणा
यात्रा के दौरान कई अवसरों पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के बच्चों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का भावपूर्ण पाठ प्रस्तुत किया गया है। इतनी कम उम्र में आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ संविधान के मूल सिद्धांतों को प्रस्तुत करना, इस बात का प्रमाण है कि गणतंत्र यात्रा नई पीढ़ी में संवैधानिक चेतना को मजबूत कर रही है।

हर वर्ष भव्य समापन समारोह
गणतंत्र यात्रा का समापन हर वर्ष एक भव्य समारोह के साथ किया जाता है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हैं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को व्यापक जनसमर्थन और प्रेरणा मिलती है। समापन समारोह में लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय पर आधारित संदेशों के साथ जनसभा आयोजित की जाती है।

एक कार्यक्रम नहीं, जनआंदोलन
सरायपाली विधानसभा क्षेत्र में गणतंत्र यात्रा अब केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले चुकी है। यह यात्रा यह स्पष्ट संदेश देती है कि गणतंत्र किसी एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि निरंतर सजगता, सहभागिता और संविधान के प्रति सम्मान का नाम है।

लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
विधायक चातुरी नंद का कहना है कि जब तक आम नागरिक संविधान को समझेगा नहीं, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। गणतंत्र यात्रा इसी सोच का परिणाम है, जिसका लक्ष्य है — हर गांव, हर नागरिक और हर बच्चे को संविधान से जोड़ना।
सरायपाली में निकाली जा रही यह गणतंत्र यात्रा आज छत्तीसगढ़ में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है, जो यह दर्शाती है कि जनभागीदारी और निरंतर संवाद के माध्यम से लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर सशक्त किया जा सकता है।

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