
रायगढ़ जिले में युवाओं को नशे की लत लगाने वाली प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक सप्लायर को तमनार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) अनिल कुमार विश्वकर्मा और डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
तमनार थाना क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई की सूचना मिल रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम को सतर्क निगरानी के निर्देश दिए गए थे और मुखबिरों को सक्रिय किया गया।
इसी क्रम में 22 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति बिना नंबर की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल से लैलूंगा की ओर से मिलूपारा की तरफ नशीली कैप्सूल लेकर आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मिलूपारा–कोड़केल मार्ग के पास घेराबंदी कर संदिग्ध बाइक सवार को रोका।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम निलमणी गुप्ता पिता स्वर्गीय प्रेमलाल गुप्ता, उम्र 30 वर्ष, निवासी बिजना थाना तमनार जिला रायगढ़ बताया। एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत तलाशी लेने पर उसकी मोटरसाइकिल के हैंडल के अंदर रखी प्लास्टिक पन्नी से प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बरामद की गई।
आरोपी के कब्जे से कुल 36 पत्ते स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस (प्रत्येक पत्ते में 8 कैप्सूल, कुल 288 कैप्सूल) बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग 3,294 रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इनमें से 6 पत्ते उसके अपने हैं, जबकि 30 पत्ते सुनील बेहरा निवासी ग्राम लिबरा के हैं, जिन्हें लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर निवासी विकास यादव से मंगवाया गया था।
पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की बजाज पल्सर एनएस 125 मोटरसाइकिल (कीमत लगभग 95,000 रुपये) और एक मोटोरोला मोबाइल फोन (कीमत लगभग 20,000 रुपये) भी जब्त किया है। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत 1,18,284 रुपये बताई गई है।
मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 18/2026 धारा 21(C) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी निलमणी गुप्ता, सुनील बेहरा और सप्लायर विकास यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। गिरफ्तार आरोपी निलमणी गुप्ता को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कमला पुसाम, एएसआई शशिदेव भोई, प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार, हेमन पात्रे, हेम प्रकाश सोन, आरक्षक डोलनारायण सिदार, आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।