नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली अब केवल अपनी ऐतिहासिक इमारतों और शॉपिंग मॉल्स के लिए ही नहीं जानी जाएगी, बल्कि अब यहां आपको कश्मीर की वादियों का अनुभव भी मिलेगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) यमुना किनारे स्थित ‘बांसेरा पार्क’ को एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित कर रहा है। इस योजना का सबसे मुख्य आकर्षण यहाँ बनने वाली पारंपरिक कश्मीरी शैली की ‘हाउसबोट’ होगी, जिस पर करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जमीन पर दिखेगा पानी जैसा नजारा
यह हाउसबोट असल में पानी में नहीं तैरेगी, बल्कि इसे जमीन पर कंक्रीट की मजबूत नींव पर इस तरह बनाया जाएगा कि दूर से देखने पर यह डल झील में तैरती नाव जैसी नजर आए। डीडीए का दावा है कि इसका ढांचा इतना मजबूत होगा कि अगले 50 सालों तक सुरक्षित रहेगा। इसे रहने के लिए नहीं, बल्कि पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कॉर्पोरेट मीटिंग्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कश्मीरी लकड़ी और फारसी नक्काशी का जादू
इस हाउसबोट को असली लुक देने के लिए इसमें खास लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
देवदार और सीडर: नाव की नींव और ऊपरी ढांचे के लिए।
अखरोट की लकड़ी: बारीक़ नक्काशी और सजावट के लिए।
चिनार के पैनल: अंदरूनी दीवारों और छतों को शाही लुक देने के लिए। इसकी खिड़कियों, खंभों और दरवाजों पर फारसी शैली की नक्काशी की जाएगी, जो इसे कला का एक अद्भुत नमूना बनाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा टूरिस्ट हब
इस हाउसबोट में पर्यटकों के लिए हर छोटी-बड़ी सुविधा का ध्यान रखा गया है:
मल्टीपर्पज हॉल और मीटिंग रूम: छोटे इवेंट्स और करीब 15 लोगों की मीटिंग के लिए शीशे से घिरा शानदार हॉल।
ओपन डेक और बालकनी: नाव के आगे और पीछे डेक बनाया जाएगा जहाँ बैठकर लोग प्रकृति का आनंद ले सकेंगे।
खान-पान की व्यवस्था: इसमें एक मॉडर्न पैंट्री और डाइनिंग एरिया भी होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 6 महीने की डेडलाइन
चूंकि यह पूरी तरह लकड़ी का ढांचा होगा, इसलिए सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है। पूरी लकड़ी पर ‘अग्निरोधक’ (फायर रेजिस्टेंट) पेंट की दो परतें लगाई जाएंगी। जोड़ों को प्राकृतिक रेजिन से सील किया जाएगा ताकि मौसम का असर न हो। डीडीए ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और काम शुरू होने के 6 महीने के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बांसेरा पार्क: दिल्ली का नया एडवेंचर डेस्टिनेशन
यमुना के पश्चिमी तट पर स्थित बांसेरा पार्क पहले से ही लोगों की पसंद बना हुआ है। दिसंबर 2025 में यहाँ ‘हॉट एयर बैलून’ की शुरुआत की गई थी। अब हाउसबोट और आगामी ‘पलाश फेस्टिवल’ के बाद यह पार्क दिल्ली के सबसे बड़े सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों में से एक बन जाएगा। अब दिल्लीवालों को कश्मीर जैसा अनुभव लेने के लिए हजारों किलोमीटर दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।