गौरवपथ में जमे धूल की सफाई ठेकेदार की जगह नगरपालिका करा रही

गौरवपथ में मिट्टियों का ढेर दुर्घटना की आशंका
0 धूलमुक्त गौरवपथ की जगह धूलयुक्त बना गौरवपथ


दिलीप गुप्ता
सरायपाली : गौरवपथ का निर्माण ही धुल से मुक्ति दिलाने के लिए भी किया गया था पर ठेकेदार व नगरपालिका की लापरवाही के चलते यह गौरवपथ धूलमुक्त की जगह धूलयुक्त हो गया है । सड़क किनारे धूल व मिट्टी इतनी जमी है कि कोई कार के गुजरने के बाद काफी दूर तक सिर्फ धूल ही धुल का गुब्बारा दिखाई देने लगता है । ठेकेदार द्वारा गौरवपथ के डिवाइडर में पौधारोपण के लिए डाली गई ढेर सारी मिट्टियों का ढेर आज भी सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़े रहने से एक ओर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है तो वहीं इन्हीं मिट्टी के धूलों से व्यापारी व राहगीर परेशान हैं ।


नगर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव , असुरक्षित मार्ग , कम चौड़ाई वाली सड़क , जगह जगह गड्ढों से भरपूर मुख्यमार्ग , पानी निकासी की समस्याओं के साथ उड़ते धूल से परेशान नगरवासियों द्वारा पिछले कई वर्षों से बेहतर , सुरक्षित व सुगम यातायात व धूलमुक्त नगर को ध्यान में रखते हुवे गौरवपथ निर्माण के लिए संघर्षरत थी । कांग्रेस शासन काल में इसकी स्वीकृति व निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया । नगरवासी गौरवपथ की स्वीकृति व कार्य प्रारंभ होने से काफी उत्साहित व खुश थे कि अब उपरोक्त सभी समस्याओं से छुटकारा व नई सुविधाओं के साथ बेहतर व्यवसाय कर पाएंगे । पर नगरवासियों की यह खुशी अधिक दिनों तक नहीं रह सकी ।


उनकी अपेक्षाओं के विपरीत कार्य होते देख काफी नाराजगी जरूर थी पर विभिन्न कारणों से यह नाराजगी सामने नहीं रख पा रहे थे । नगर सरकार में भाजपा समर्थित परिषद बनने के बाद से ही नगर में निर्माणाधीन निर्माण व विकास कार्यों में व्याप्त अनियमितताओ , भ्रष्टाचार , कमीशनखोरी व स्वार्थगत राजनीति के चलते नगरवासी परेशान हैं । सर्वाधिक अपेक्षाएं गौरवपथ से थी पर जैसे जैसे यह कार्य आगे बढ़ता गया नगरवासियों को इनकी नीति व नियत स्पष्ट दिखाई देने लगी । सोच व उम्मीद के ठीक विपरीत कार्य होने से परिषद के साथ ही सरकार से भी नगरवासियों में स्पष्ट नाराजगी दिखाई दे रही है । इन मामलों में चुने हुवे पार्षदों व सत्ताधारी नेताओं की चुप्पी भी संदेहास्पद है । आज तक किसी भी पार्षदों ने और न ही भाजपा के नेताओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई ।


डिवाइडर में पौधारोपण हेतु ठेकेदार द्वारा सड़क किनारे मिट्टी डाली गई है । अनेक स्थानों पर मिट्टियों का ढेर लगा हुआ है जिसे ठेकेदार द्वारा नहीं उठाया गया है । यही मिट्टियों का ढेर व्यापारियों व राहगीरों के लिए मुसीबतों का कारण बन रहा है । गाड़ी चलते ही इतनी धूल उड़ती है कि मुंह ढकना आवश्यक हो जाता है । सड़क किनारे ठेलो व दुकानदारों के दुकानों व घरों के अंदर धूल उड़ने से रखे समान खराब हो रहे हैं ।इन मिट्टी के ढेरों को हटवाने नगरपालिका की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है । नगरवासियों को होने वाली परेशानियों से संभवतः नगरपालिका को कोई सरोकार एवं जिम्मेदारी नहीं है ।


नगरपालिका द्वारा आज सुबह सफाई मित्र के माध्यम से सड़क की कुछ दूरी तक सफाई की गई है यह सफाई नगरवासियों को हो रही दिक्कतों को दूर करने नहीं बल्कि आगामी 26 जनवरी की तैयारी के लिए हो सकती है । जिस मिट्टियों व धूलों को हटाने का काम व जिम्मेदारी ठेकेदार की है वह कार्य नगरपालिका कर रही है । मिट्टियों को सड़क में ऐसे पड़े रहने से हटाने का निर्देश नगरपालिका को ठेकेदार को देना चाहिए

कि वह नागरिकों को हो रही परेशानियों को देखते हुवे शेष बचे मिट्टियों को तत्काल हटाए व सड़क किनारे जम चुके धूल की सफाई करे । साथ ही यह सफाई नाली तक साफ होनी चाहिए ताकि नाली के बाहर लोग अपनी वाहनों व सामानों को रख सकें ।किंतु ऐसा निर्देश ठेकेदार को क्यों नहीं दिया जा रहा है ? आखिर ठेकेदार को इतनी छूट नगरपालिका दे क्यूं रही है ? जिस ठेकेदार को गौरवपथ के निर्माण का ठेका दिया गया वह आज लगभग ढाई वर्ष बाद भी अपूर्ण क्यों हैं?कई ऐसे प्रश्न हैं जो नगरवासी नगरपालिका से उत्तर के साथ साथ उनका समाधान भी चाहते हैं ।

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