कोरिया में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने त्रिदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के नेतृत्व में मातृ मृत्यु कम करने का संकल्प

कोरिया, 22 जनवरी 2026/ कोरिया जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मातृ मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से गुरुवार को त्रिदिवसीय प्रशिक्षण/बैठक का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के डॉ. गजेन्द्र सिंह ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।प्रशिक्षण में महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर्स, मितानिन ट्रेनर्स और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संस्था/सांस्थानिक प्रभारी शामिल हुए। सत्र की शुरुआत मातृ मृत्यु की परिभाषा, भारत और छत्तीसगढ़ की स्थिति, तथा जिले में मातृ मृत्यु की वर्तमान स्थिति पर चर्चा से हुई। इसके बाद जमीनी स्तर पर मातृ मृत्यु को कम करने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर सहभागी संवाद आयोजित किया गया।

विशेष रूप से कंगारू मदर केयर की अवधारणा, इसके लाभ और मातृ-नवजात देखभाल में इसकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों की गुणवत्ता बढ़ाने और ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को अधिक प्रभावी बनाकर समुदाय स्तर पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सहभागिता मजबूत करने पर जोर दिया गया।

समूह गतिविधियों और रणनीति निर्माण प्रशिक्षण को और अधिक उपयोगी बनाने हेतु प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों में भाग लिया। मितानिन ट्रेनर्स और महिला-बाल विकास सुपरवाइजर्स को मिश्रित समूहों में बांटकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली प्रमुख चुनौतियों की सूची तैयार करवाई गई। इसके बाद समूहों ने स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाकर समस्याओं के समाधान पर कार्ययोजना प्रस्तुत की।

बैठक का समापन केएमसी कार्यक्रम के कार्यान्वयन, समुदाय/सेवा स्तर पर बेहतर समन्वय और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के संदेश के साथ हुआ। इस प्रशिक्षण से जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और मातृ मृत्यु दर कम करने के प्रयासों को नई दिशा मिली है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के सतत प्रयास और दृढ़ संकल्प के माध्यम से कोरिया जिले में मातृ- शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुदृढ़ पहल की उम्मीद जगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *