मानवता की मिसाल: कोरिया में दृष्टिबाधित बुजुर्ग दंपति के घर पहुँची डॉक्टरों की टीम, चौखट पर हुआ मुफ्त इलाज और मिलीं दवाइयां

हितग्राही को मिल रही है योजनाओं का लाभ

कोरिया 22 जनवरी 2026/ ग्राम पोंडी के पंडोपारा निवासी 80 वर्षीय सोमार साय, पिता कतलू राम एवं उनकी पत्नी मानकुंवर के घर स्वास्थ्य विभाग का चिकित्सा दल पहुँचा, जहाँ दोनों का मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि सोमार साय को पूर्व में कॉर्निया से संबंधित गंभीर बीमारी थी। लगभग 25–30 वर्ष की आयु में उनकी एक आँख स्वतः बंद हो गई थी, जबकि दूसरी आँख वर्ष 1980–85 के आसपास खराब हो गई। वर्तमान में उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी नहीं है। वहीं उनकी पत्नी मानकुंवर को बचपन में हुई एक दुर्घटना के कारण दोनों आँखों की रोशनी चली गई थी।

वर्तमान में पति-पत्नी दोनों ही पूर्णतः दृष्टिबाधित हैं। भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य टीम ने दोनों का ब्लड ग्लूकोज (बी.जी.) परीक्षण किया तथा आवश्यक दवाइयाँ प्रदान कीं। साथ ही कैल्शियम सिरप एवं मल्टीविटामिन टैबलेट भी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हितग्राही को आयुष्मान कार्ड पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है।

सोमार साय एवं उनकी पत्नी को शासन की ओर से प्रति माह 500-500 रुपए की पेंशन प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत लाभ भी मिल रहा है। हितग्राही को वर्ष 2016-17 में अटल आवास योजना का लाभ दिया गया है।

पूर्व में उन्हें सहायक उपकरण के रूप में नकली पैर, बैसाखी एवं छड़ी भी प्रदान की जा चुकी है, जो वर्तमान में उनके पास उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयों के साथ मच्छरदानी भी दी गई है। परिवार के पास राशन कार्ड भी उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से दृष्टिबाधित दंपति को राहत मिली है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें निरंतर मिल रहा है।

चिकित्सा दल में डॉ. प्रवीण दुबे (चिकित्सा अधिकारी), श्री आर. बी. दिवाकर (नेत्र सहायक अधिकारी), रत्नेश शुक्ला (मलेरिया प्रवेक्षक), दिलीप पांडेय (सुपरवाइजर) एवं आर.एच.ओ. श्री लालचंद शामिल रहे।

स./मानिकपुरी

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