सरायपाली। सरायपाली के समीप ग्राम तिलईपाली निवासी और प्रख्यात मैराथन धावक किशनलाल कोसरिया ने 40 वर्ष की आयु में टेरिटोरियल आर्मी में चयन प्राप्त कर यह साबित कर दिया है कि सेना में जाने के लिए उम्र बाधा नहीं, बल्कि जज़्बा, अनुशासन और दृढ़ निश्चय सबसे बड़ा आधार होता है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से ग्राम तिलईपाली सहित फूलझर डिफेंस एकेडमी सरायपाली में हर्ष और गौरव का वातावरण है।
फूलझर डिफेंस एकेडमी में हुआ भव्य स्वागत
किशन लाल कोसरिया के नगर आगमन पर फूलझर डिफेंस एकेडमी में प्रशिक्षकों, कैडेट्स एवं क्षेत्रवासियों द्वारा पुष्पगुच्छ, सम्मान एवं अभिनंदन कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए किशनलाल कोसरिया ने अत्यंत प्रेरणादायक शब्दों में कहा— “यदि मैं 40 वर्ष की उम्र में टेरिटोरियल आर्मी में चयनित हो सकता हूँ, तो आप सभी तो मेरे बच्चों की उम्र के हैं। आप क्यों नहीं कर सकते? जरूरत है सिर्फ निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास की।”
युवाओं को दिया निरंतर मेहनत का संदेश
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने फूलझर डिफेंस एकेडमी सरायपाली से जुड़कर सेना की तैयारी करें, नियमित अभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाएं और चयन प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करें। उनके उद्बोधन से उपस्थित युवाओं में नया आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना जागृत हुई। फूलझर डिफेंस एकेडमी परिवार ने कोसरिया की इस सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके संघर्ष, संयम और समर्पण को सादर नमन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एकेडमी का उद्देश्य: युवाओं को सेना के लिए तैयार करना
कार्यक्रम के अंत में फूलझर डिफेंस एकेडमी के संचालक फौजी धर्मेंद्र चौधरी ने एकेडमी के सेल्फ स्टडी पॉइंट, शिक्षकों की निरंतर मेहनत एवं विद्यार्थियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए सभी कैडेट्स को उज्ज्वल भविष्य के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि फूलझर डिफेंस एकेडमी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर सेना के लिए तैयार करना है। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा “जय हिंद” एवं “जय भारत” के गगनभेदी नारों के साथ की। यह आयोजन निश्चित रूप से क्षेत्र के युवाओं को भारतीय सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करने वाला सिद्ध होगा।