झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी कमांडर अनल दा उर्फ तूफान मारा गया। इस कार्रवाई को कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। मुठभेड़ में कई अन्य माओवादियों के भी मारे जाने की सूचना है।
गुरुवार सुबह किरीबुरू थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा के कुमडी इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। जंगल में छिपे माओवादियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई भारी गोलीबारी में अनल दा सहित कई माओवादी मारे गए।
कौन था अनल दा उर्फ तूफान
अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश था। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का रहने वाला था। उसके पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी था। अनल दा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सेंट्रल कमिटी सदस्य था और संगठन का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनल दा अपने साथियों के साथ सारंडा जंगलों में सक्रिय था। गुप्त सूचना के आधार पर कोबरा और सीआरपीएफ की टीम ने इलाके की घेराबंदी की और कार्रवाई की। अनल दा का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता और माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। देशभर में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत हाल के महीनों में यह एक अहम कार्रवाई मानी जा रही है।