कोरिया में त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम-मातृ मृत्यु और शिशु स्वास्थ्य सुधार पर जोर

पोषण स्तर बढ़ाने व मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए हर संभव प्रयास जरूरी- कलेक्टर

कोरिया, 21 जनवरी, 2026/ जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से जिला पंचायत के ऑडिटोरियम में त्रिदिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) कम करना और एलबीडब्ल्यू (कम वजन वाले शिशु) शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, यूनिसेफ राज्य सलाहकार डॉ. अक्षय तिवारी एवं डॉ. प्रीतम राय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल, महिला बाल विकास विभाग, नीति आयोग और प्रशिक्षण शाखा के अधिकारी तथा अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की मृत्यु के कारणों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि मातृ स्वास्थ्य सुधारने के लिए समाज, परिवार और समुदाय को मिलकर काम करना होगा। प्रशिक्षण में गांवों में समितियों का गठन, पोषण पर ध्यान, एंटीनेटल केयर (ANC) की गुणवत्ता बढ़ाना और समय पर स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में महिला पोषण, विटामिन्स, फोलिक एसिड, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता और एलबीडब्ल्यू शिशुओं के जोखिम कम करने के उपाय पर ध्यान केंद्रित किया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और नियमित परामर्श के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुपोषण को हर स्तर पर दूर करने की लड़ाई जारी रहेगी।उन्होंने महिलाओं की सेहत और एनीमिया रोकने के लिए सुपोषण और पोषणयुक्त आहार पर विशेष जोर दिया ताकि जन्म लेने वाले शिशु स्वस्थ और सही वजन के साथ जन्म लें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने कहा कि यह त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में अत्यंत मददगार साबित होगी। उन्होंने कम वजन वाले जन्म दर को कम करने में स्वास्थ्यकर्मी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिले में मातृ मृत्यु दर घटाने और शिशु स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण है।

स./मानिकपुरी

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