सक्ती, 21 जनवरी 2026: जिला सक्ती के विकासखंड मालखरौदा में टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समुदाय स्तर पर इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक दिवसीय टीबी कार्यक्रम प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए टीबी की समय पर पहचान और बेहतर उपचार प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेंड किया गया।
विशेषज्ञों ने दी बारीक जानकारियां
प्रशिक्षण के दौरान जिला क्षय अधिकारी डॉ. संतराम सिदार और प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक विनोद राठौर ने प्रतिभागियों को टीबी के लक्षणों और जांच की आधुनिक प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निक्षय पोर्टल पर मरीजों के पंजीयन, दवा वितरण की तकनीक और सरकार की ओर से मरीजों को दी जाने वाली आर्थिक व पोषण सहायता की जानकारी साझा की।

जागरूक करने और समय पर पहचान करने पर जोर
अधिकारियों ने उपस्थित डॉक्टरों, सुपरवाइजरों, आरएचओ और सीएचओ से अपील की कि वे मैदानी स्तर पर जाकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि “टीबी मुक्त जिला सक्ती” का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें नियमित उपचार से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण के अंत में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी उन्मूलन के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने की शपथ भी दिलाई गई।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में बीएमओ डॉ. मृत्युंजय राठौर, बीपीएम इंजीनियर थानेश पटेल, एसटीएस भागीरथी तिवारी सहित अस्पताल के अन्य वरिष्ठ कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में टीबी के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और शत-प्रतिशत उपचार सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।