भारत की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण मंच है वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CM Mohan Yadav Big Update : मध्य प्रदेश में आज लागू होंगी दो बड़ी नीतियां, जानें किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम दावोस इस उद्देश्य के साथ जा रहे है कि हमारे युवाओं को रोजगार मिले और उत्पाद सही ढंग से बाजार तक पहुंचे और मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सम्पन्न बने। हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है कि इन प्रयासों से हमारा प्रदेश समृद्ध हो मध्यप्रदेश में निवेश की सभी तरह की संभावनाएं हैं। अच्छी टेक्नॉलोजी को लागू करने के लिए विश्व के प्रमुख उद्यमियों को आमंत्रित करने की जरूरत है। रोजगारपरक कामों के लिए सभी का साथ होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल होने के लिये दावोस रवाना होने से पहले टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के लिए यह श्रेष्ठ फोरम है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे आयोजन में मध्यप्रदेश की सहभागिता उल्लेखनीय रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आर्गेनिक एग्रीकल्चर एक बड़ा सेक्टर है जिसमें फूड से लेकर कई क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं हैं। कॉटन से लेकर अन्य कई क्षेत्रों में व्यापार-व्यवसाय के उन्नयन की संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को साकार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए हर तरह के अवसर मौजूद हैं। हमें बेहतर तकनीक को अपनाने के लिए उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहित करना होगा। रोजगार सृजन करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा और जैविक कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जो खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य उद्योगों तक कई क्षेत्रों को कवर करता है। कपास उत्पादन से लेकर वस्त्र निर्माण के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य के विकास के अवसर मौजूद हैं।

प्रत्येक राज्य को आगे बढ़ने का अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत चौथा स्थान हासिल करते हुए अब विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। इस प्रकार से बदलते समय में देश के प्रत्येक राज्य के पास आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर है। अन्य राज्यों को भी वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक आयोजन में शामिल होना चाहिए, जहां राज्यों को औद्योगिक निवेश प्राप्त करने का व्यापक अवसर मिलता है।

जीआईएस के 30 प्रतिशत प्रस्ताव धरातल पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। मध्यप्रदेश को देश-विदेश से जो निवेश मिले उसका 30 प्रतिशत धरातल पर उतारा जा चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने गत 25 दिसंबर में ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में एक साथ 2 लाख करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया था। इस प्रकार से कुल 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्य धरातल पर आ गए हैं, आगे भी कार्य जारी हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्रोथ को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास और उससे संबंधित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश निश्चित रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य उत्पादन, उद्यानिकी एवं दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनेगा।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *