धान टोकन कटने के बाद सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद करें प्रशासनिक अधिकारी : विधायक चातुरी नंद

सरायपाली। सरायपाली विधानसभा क्षेत्र की विधायक चातुरी नंद ने धान खरीदी में व्याप्त अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि एक तरफ टोकन कटने के बाद किसानों को ‘सत्यापन’ के नाम पर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के संरक्षण में सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान का परिवहन धड़ल्ले से जारी है।

“सत्यापन” के नाम पर किसानों की प्रताड़ना और अवैध वसूली
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि जिले के विभिन्न अंचलों से लगातार यह शिकायतें मिल रही हैं कि टोकन जारी होने के बाद राजस्व अमला सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान पोर्टल पर पहले से पंजीकृत हैं और उनका रकबा व फसल की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध है, तो दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया क्यों? उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय के कुछ कर्मचारी इस प्रक्रिया की आड़ में किसानों से अवैध वसूली कर रहे हैं, जो शासन की नीतियों के पूरी तरह विपरीत है।

अवैध धान परिवहन में प्रशासनिक संलिप्तता का आरोप
अवैध धान परिवहन का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने बेहद गंभीर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ओडिशा सीमा से कोचियों द्वारा बड़े पैमाने पर धान लाया जा रहा है। विधायक ने बसना क्षेत्र की एक घटना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि एक पटवारी द्वारा एसडीएम के आदेश का हवाला देकर अवैध धान का परिवहन कराया जाना यह साबित करता है कि इस खेल में प्रशासन के तार जुड़े हुए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इतने गंभीर मामले के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

विधायक चातुरी नंद की प्रमुख मांगें:
सत्यापन पर रोक: टोकन जारी होने के बाद किसानों का अनावश्यक सत्यापन तत्काल बंद किया जाए।

बॉर्डर पर सख्ती: ओडिशा सीमा से हो रहे अवैध धान परिवहन पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

दोषियों पर गाज: बसना क्षेत्र में सामने आए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पटवारी और अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

भ्रष्टाचार की जांच: सत्यापन के नाम पर वसूली की शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच हो।

विधायक ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।

रिपोर्टर: दिलीप गुप्ता

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