नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आज एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। करीब डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद भाजपा को अपना नया स्थायी राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज भाजपा मुख्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा समेत भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता दिल्ली में मौजूद रहेंगे।
अमित शाह का रिकॉर्ड तोड़ेंगे नितिन नबीन
45 वर्षीय नितिन नबीन भाजपा के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी। नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ भाजपा ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वहां नेतृत्व का आधार उम्र या वंश नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और संगठनात्मक क्षमता है। जहां एक ओर कांग्रेस की कमान 83 वर्षीय मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथों में है, वहीं भाजपा ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
चौथी पीढ़ी को कमान और जातिगत समीकरणों से ऊपर फैसला
नितिन नबीन की नियुक्ति भाजपा में ‘पीढ़ीगत बदलाव’ का प्रतीक है। अटल-आडवाणी (पहली पीढ़ी), मोदी-शाह (दूसरी पीढ़ी) और योगी-प्रधान (तीसरी पीढ़ी) के बाद अब चौथी पीढ़ी के हाथ में नेतृत्व सौंपा जा रहा है। सामाजिक दृष्टि से देखें तो नितिन नबीन कायस्थ समुदाय से आते हैं। चुनावी राजनीति में इस समुदाय की संख्या भले ही निर्णायक न हो, लेकिन उन्हें शीर्ष पद देकर भाजपा ने साबित किया है कि संगठन के लिए समर्पित कार्यकर्ता किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकता है।
मिशन 2029 और क्षेत्रीय संतुलन
नितिन नबीन का चयन केवल उम्र नहीं बल्कि क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। वे बिहार से ताल्लुक रखते हैं और पूर्वी भारत से भाजपा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। इससे साफ है कि पार्टी का फोकस अब केवल हिंदी पट्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार, बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी पैठ और मजबूत करना है। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा, जिसका मतलब है कि अगला लोकसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
नामांकन की भव्य तैयारी
अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया के लिए कुल 30 सेट तैयार किए गए हैं, जिसमें करीब 600 वरिष्ठ नेता प्रस्तावक और अनुमोदक के तौर पर शामिल होंगे। भाजपा के संविधान के अनुसार, यदि आवश्यकता पड़ी तो 20 जनवरी को मतदान होगा, जिसके बाद उसी दिन भव्य कार्यक्रम में नए अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होगा।