बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों की कायराना करतूत एक बार फिर सामने आई है। सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए जंगल के रास्तों में बिछाए गए प्रेशर आईईडी (IED) की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण की जान चली गई है। यह दुखद घटना उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम कस्तुरीपाड की है, जहाँ महज 20 साल के एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
जंगल गए युवक का पैर आईईडी पर पड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कस्तुरीपाड निवासी आयता कुहरामी (20 वर्ष), पिता बुधरा कुहरामी, रविवार 18 जनवरी 2026 को गांव के पास स्थित जंगल की ओर गया था। इसी दौरान जंगल के रास्ते में माओवादियों द्वारा पहले से ही जमीन के नीचे दबाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर आयता का पैर पड़ गया। धमाका इतना जोरदार था कि युवक के दोनों पैर पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
ब्लास्ट की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुँचे और लहुलुहान हालत में आयता को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की। लेकिन जख्म इतने गहरे थे और खून इतना ज्यादा बह चुका था कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में आयता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षाबल मुस्तैद, सर्चिंग अभियान जारी
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए अन्य आईईडी को खोजकर उन्हें निष्क्रिय किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माओवादी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और सुरक्षाबलों को डराने के लिए ऐसे रास्तों पर आईईडी लगाते हैं, जिनका उपयोग आम ग्रामीण भी करते हैं।
आम जनता के लिए पुलिस की अपील
बीजापुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जंगल और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के दौरान विशेष सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध वस्तु या जमीन के अंदर दबे तारों को न छुएं। यदि कोई भी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें।