मंदसौर। मध्य प्रदेश में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। नीमच के मनासा में दो मासूमों की जान लेने के बाद अब इस संक्रमण ने मंदसौर जिले में दस्तक दे दी है। जिले के कोटड़ा गांव में 50 वर्षीय गोपाल पाटीदार इस खतरनाक वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में इंदौर के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव के 722 घरों की हुई स्कैनिंग अधेड़ में संक्रमण की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम एक्शन मोड में आ गई है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के नेतृत्व में टीम ने रविवार सुबह कोटड़ा गांव के 722 घरों का सर्वे किया। इस दौरान कुल 3801 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्कैनिंग के दौरान 8 लोगों में बुखार के लक्षण मिले हैं, जिनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
पानी के नमूनों की जांच और मेडिकल अलर्ट संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए भानपुरा से आई पीएचई (PHE) की टीम ने गांव के जल स्रोतों से पानी के सैंपल कलेक्ट किए हैं। बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीज पिछले 20 दिनों से बीमार था। गरोठ और कोटा में प्राथमिक उपचार के बाद जब उन्हें इंदौर ले जाया गया, तब चरक अस्पताल के डॉक्टरों ने जीबीएस की पुष्टि कर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट भेजा।
नीमच में मचा चुका है तबाही बता दें कि शनिवार को नीमच जिले के मनासा कस्बे में इसी वायरस की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। वहां 15 संदिग्ध मरीजों में से 6 में इस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में मेडिकल कॉलेज की टीमें तैनात कर दी गई हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।