अम्बिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के साथ जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले की शांति, कानून व्यवस्था और नारको को-ऑर्डिनेशन को लेकर अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि नशा किसी भी अपराध का पहला चरण है, इसलिए नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह, अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित पुलिस, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और आबकारी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सजगता और सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए।
नशे के खिलाफ सख्त निगरानी के निर्देश कलेक्टर ने कहा कि अवैध शराब, गांजा, अफीम और नशीले सिरप या इंजेक्शन के व्यापार से जुड़ी संदेहास्पद गतिविधियों पर तत्काल जांच कर कार्रवाई करें। उन्होंने खाद्य एवं औषधि विभाग को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और डॉक्टरों के परामर्श (प्रिस्क्रिप्शन) की निगरानी की जाए। साथ ही, स्कूल-कॉलेज परिसर के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों को हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी राजेश अग्रवाल ने वन विभाग को अंदरूनी क्षेत्रों में गांजे की खेती पर नजर रखने और पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाहनों की सतत जांच करने को कहा।
शांति व्यवस्था के लिए आपसी समन्वय पर जोर जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसडीएम, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोटवारों और पटेलों को सक्रिय कर स्थानीय स्तर की समस्याओं और असामाजिक तत्वों पर नजर रखें। बैठक में धर्मांतरण, माइनिंग और अवैध पट्टों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
एसपी राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर जनता से संवाद बढ़ाने और राजस्व व पुलिस विभाग के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर जोर दिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।