चंबल में बड़ा बीमा घोटाला: जिंदा लोगों को ‘मुर्दा’ बताकर डकारे लाखों रुपए, EOW ने बैंक और सचिवों समेत कई पर कसा शिकंजा

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ (PMJJBY) में एक बेहद चौंकाने वाला और संगठित फर्जीवाड़ा सामने आया है। घोटालेबाजों ने शासन की इस जन कल्याणकारी योजना में सेंध लगाकर उन लोगों को कागजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया जो असल में जिंदा हैं, और उनके नाम पर 2-2 लाख रुपए का क्लेम डकार लिया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ग्वालियर ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है।

कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घोटाला जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 के बीच अंजाम दिया गया। इसमें आरोपियों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और दस्तावेज तैयार कर बैंक और बीमा कंपनियों को गुमराह किया। जांच के घेरे में 8 बड़ी बीमा कंपनियां और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की श्योपुर शाखा शामिल है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

इन जिलों में दर्ज हुई एफआईआर (FIR):

EOW ने ग्वालियर, मुरैना, भिण्ड और श्योपुर में अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं।

  • ग्वालियर: दीपमाला मिश्रा, जिग्नेश प्रजापति और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के विवेक दुबे सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • मुरैना: मानसिंह कुशवाह, बल्लेसस किरार, प्रदीप कुशवाह, रिंकु सिंह और सगुनी सिंह कुशवाह जैसे नामजद आरोपियों पर कार्रवाई हुई है।
  • भिण्ड: यहां बालेन्द्र सिंह, सतीश परिहार, निखिल विमल और भोलू सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
  • सचिव की भूमिका: विशेष बात यह है कि ग्राम पंचायत बडपुरा (अटेर, भिण्ड) के सचिव सूरतराम कुशवाह का नाम भी इस घोटाले में मुख्य कड़ी के रूप में सामने आया है।

सख्त धाराओं में मामला दर्ज

EOW ने इस पूरे गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318, 319, 336, 338, 340 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच टीम अब यह पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े की जड़ें कितनी गहरी हैं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो सकता है।

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