भुवनेश्वर, 16 जनवरी 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी और इससे जुड़े धन शोधन के खिलाफ प्रमुख कार्रवाई करते हुए देश के सात राज्यों में 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह अभियान ईडी के पणजी जोनल कार्यालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत चलाया गया।
यह कार्रवाई ईसीआईआर/पीजेजेडओ/02/2025 (मधुपन सुरेश ससिकला एवं अन्य) मामले में की गई, जो गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में मादक पदार्थ नियंत्रण अधिनियम (एनडीपीएस), 1985 के तहत वाणिज्यिक मात्रा में ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोप शामिल हैं।
ईडी ने गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा तथा दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया। जांच से एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल पर संचालित था। इस नेटवर्क का विस्तार गोवा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा तथा केरल तक फैला हुआ था।
छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में नकदी, चरस सहित अन्य मादक पदार्थ, आपत्तिजनक दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की जांच से पता चला कि देशभर में एमडीएमए, एक्स्टेसी, हैश, कुश, शरूम्स, राशोल क्रीम, कोकीन तथा सुपर क्रीम जैसे ड्रग्स की बड़े पैमाने पर आपूर्ति की जा रही थी। ड्रग्स की ढुलाई के लिए कूरियर और डाक सेवाओं का उपयोग किया जा रहा था।
अपराध से प्राप्त कमाई को यूपीआई, बैंक ट्रांसफर, क्रिप्टोकरेंसी तथा नकद लेन-देन के माध्यम से घुमाया जा रहा था। जांच में जटिल वित्तीय लेनदेन के जरिए धन को छिपाने और परत-दर-परत घुमाने की साजिश का खुलासा हुआ है।
ईडी ने कहा कि जांच में प्राप्त जानकारी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया कि वह संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा अवैध कमाई के धन शोधन में इस्तेमाल हो रहे वित्तीय मार्गों को बंद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।