मंदिरों में हाथ साफ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: दुर्ग पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा, हनुमान जी का चांदी का मुकुट और लड्डू गोपाल की मूर्ति बरामद

Durg Police

भिलाई : रमेश गुप्ता : दुर्ग पुलिस को भिलाई क्षेत्र के मंदिरों में चोरी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। आरोपियों ने शहर के व्यस्त सर्कुलर मार्केट कैंप 2 स्थित मंदिर को अपना निशाना बनाया था और वहां से भगवान के आभूषण पार कर दिए थे। पुलिस ने चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

कैसे हुई चोरी की घटना?

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी (जो इच्छापूर्ति दुर्गा गणेश मंदिर मटका लाइन, कैंप 02 भिलाई समिति के अध्यक्ष हैं) द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंदिर में पंडित भोला महाराज पूजा-पाठ का कार्य करते हैं और मंदिर के ऊपर बने कमरे में ही रहते हैं। प्रतिदिन की तरह 9 जनवरी 2026 की शाम करीब 4:00 बजे पंडित जी ने मंदिर का गेट खोला और अपने कमरे में नहाने चले गए थे। जब वे शाम 6:00 बजे वापस नीचे आए, तो उनके होश उड़ गए। मंदिर से हनुमान जी की मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट, स्टील के बर्तन और लड्डू गोपाल जी की पीतल की मूर्ति मय झूला गायब थे।

CCTV और मुखबिरों की मदद से खुला राज

अज्ञात चोरों द्वारा करीब 20 हजार रुपये की मशरूका (सामान) चोरी किए जाने की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अपराध कायम कर विवेचना शुरू की। चोरी गए सामान और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

आरोपियों की पहचान और बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया चांदी का मुकुट, पीतल की मूर्ति और बर्तन बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. रीना द्विवेदी (उम्र 48 वर्ष), निवासी- इस्पात नगर, रिसाली।
  2. बालमुकुंद सोनी (उम्र 65 वर्ष), निवासी- इस्पात नगर, रिसाली।

आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दुर्ग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

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