मनरेगा गरीब-मजदूरों की जीवनरेखा है, इसके अधिकारों से कोई समझौता नहीं होने देंगे : चातुरी नंद

  • सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरबोडा से कांग्रेस की ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का विधायक चातुरी नंद ने किया शुभारंभ
    दिलीप गुप्ता
    सरायपाली : मजदूरों के हक और अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ कांग्रेस पार्टी की ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का शुभारंभ सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरबोडा से किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चातुरी नंद ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर नया कानून “विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025” लाया गया है। इस कानून के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों में कटौती करने का षड्यंत्र केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब मजदूर परिवारों की जीवन रेखा है लेकिन केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार गरीब मजदूरों को हक अधिकारों पर डाका डालने से भी पीछे नहीं हट रही है।

विधायक चातुरी नंद ने “विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025” में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने वाले नए प्रावधान को गरीब और श्रमिक विरोधी बताया।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि मनरेगा के पुराने कानून में पहले काम मांगने पर रोजगार देना कानूनी बाध्यता थी लेकिन अब रोजगार की गारंटी को कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले समय पर भुगतान और पारदर्शिता की स्पष्ट व्यवस्था थी लेकिन अब भुगतान में देरी, तकनीकी शर्तों से मजदूरो को परेशान किया गया है।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि पहले केंद्र-राज्य की साझा जिम्मेदारी 90:10 था जो कि नए बिल में 60:40 कर दिया गया है। इस नए बिल से अब राज्यों पर अधिक आर्थिक बोझ डालकर अधिकार सीमित कर दिए गए है। आर्थिक बोझ बढ़ने से छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में मनरेगा और भी अधिक कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि पहले पलायन रोकने गांव में ही रोजगार देने का प्रावधान था लेकिन अब: नियमों के कारण मजदूर काम से वंचित होंगे।

विधायक ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और श्रम की गरिमा के विचारों पर आधारित योजना है, जिसे कमजोर करना सीधे-सीधे गरीबों के हक पर हमला है।

कार्यक्रम में मनरेगा के मौलिक अधिकारों की रक्षा, मजदूरी की गारंटी और श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष को और तेज़ करने का आह्वान किया गया।

विधायक चातुरी नंद ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप, रोजगार की गारंटी, समय पर भुगतान, काम की मांग पर काम और श्रमिक-हितैषी नियमों की बहाली के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी। ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के माध्यम से यह आंदोलन गांव-गांव तक पहुँचाया जाएगा और मजदूरों की आवाज़ को हर मंच पर बुलंद किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों और श्रमिक साथियों ने एक स्वर में मनरेगा के अधिकारों की रक्षा हेतु कांग्रेस के संघर्ष में साथ देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दुर्गा सागर, कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष नितिन बेनर्जी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रूपानंद पटेल, पूर्व जनपद सदस्य सरिता प्रधान, विधायक प्रतिनिधि दीपक साहू, ग्राम पंचायत कुसमी सरार सरपंच नीलांचल भोई, भुथिया सरपंच गोकुल भोई, शिवप्रसाद बारीक, जय कृष्ण चौधरी, महेंद्र नायक, ललित सिदार, हेम बाई सिदार, बबली बाई, रमेश पटेल, संतोष पटेल सहित क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।

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