छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती में शामिल वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी राजधानी की सड़कों पर उतरे और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आरोप है कि वर्ष 2018 में पूरी हुई भर्ती प्रक्रिया के बावजूद अब तक वेटिंग लिस्ट क्लियर नहीं की गई है।

कई महीनों से आंदोलन, नहीं मिला समाधान
वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार वे 22 दिसंबर से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने गृहमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया।
ज्ञापन और मुलाकात के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे, मुलाकात की और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का दावा है कि नियमों के तहत वेटिंग लिस्ट को अब तक समाप्त कर पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जानी चाहिए थी।
परिजन भी धरने में शामिल, बढ़ रहा मानसिक दबाव
धरना स्थल पर अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी मौजूद हैं। परिजनों का कहना है कि वर्षों से चल रहे इंतजार और अनिश्चितता के कारण युवाओं पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने और CAF भर्ती की वेटिंग लिस्ट क्लियर कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।