
लाखेनगर इलाके में रविवार शाम करीब 5 बजे एक महिला चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी अचानक पतंग का मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने की कोशिश में उनके होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया, जिससे काफी खून बहने लगा।
आसपास के लोगों ने बचाई जान, अस्पताल में हुआ इलाज
घटना के बाद महिला लहूलुहान हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मांझा हटाया और तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद महिला को छुट्टी दे दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा होने की आशंका जताई जा रही है।
नगर निगम का दावा – शहर में नहीं बिक रहा चाइनीज मांझा
नगर निगम का कहना है कि शहर में कहीं भी चाइनीज मांझा नहीं बेचा जा रहा है और लगातार इसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। निगम की टीम समय-समय पर दुकानों में छापेमारी कर रही है।
27 दिसंबर को हुई थी बड़ी कार्रवाई
रायपुर नगर निगम की टीम ने 27 दिसंबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की थी। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से डेढ़ किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार के संगम काइट सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया गया था।
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
ब्राह्मणपारा निवासी नेहा यादव ने बताया कि वह शाम को घर से पैदल मंदिर जा रही थीं। मंदिर के पास पहुंचते ही अचानक कुछ उनके चेहरे से टकराया। जब उन्होंने उसे हटाने की कोशिश की तो पहले होंठ कट गया, फिर अंगूठा कट गया। उस वक्त उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। अचानक खून बहने लगा और तेज दर्द के कारण वह चीख पड़ीं।
बाद में पता चला कि उनके चेहरे में पतंग का मांझा फंसा हुआ था। आसपास के लोग दौड़कर आए और खून रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनके कपड़े पूरी तरह खून से भीग चुके थे। इसके बाद उन्हें नजदीकी डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां 10 टांके लगाए गए और आराम की सलाह दी गई। मांझा कहां से आया, इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है।
एक्सपर्ट व्यू: चाइनीज मांझे पर सख्त सजा का प्रावधान
रायपुर के अधिवक्ता विपिन अग्रवाल के अनुसार, वर्ष 2017 में एनजीटी ने चाइनीज और नायलोन मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था। इसके उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, 5 साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। कुछ मामलों में जुर्माना 5 लाख रुपये तक भी लगाया जा सकता है।
रायपुर में पहले भी हो चुकी हैं गंभीर घटनाएं
रायपुर में चाइनीज मांझे से जुड़े हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं।
19 जनवरी 2025 को पिता के साथ जा रहे 7 साल के पुष्कर की गले में मांझा फंसने से मौत हो गई थी।
20 जनवरी 2025 को एक्सप्रेस-वे से स्टेशन जा रही महिला वकील पूर्णांशा कौशिक मांझे से घायल हो गई थीं।
फरवरी में शंकर नगर की ओर जा रहे दो छात्रों में से एक छात्र मांझे की चपेट में आकर घायल हुआ था।
बढ़ता खतरा, सख्त कार्रवाई की जरूरत
लगातार हो रही घटनाएं यह दिखाती हैं कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे का इस्तेमाल अब भी लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की जागरूकता और सख्त निगरानी बेहद जरूरी है।