भोपाल। मकर संक्रांति के त्योहार से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी में ‘मौत की डोर’ यानी चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। शहर में जानलेवा हादसों को रोकने के लिए अब केवल जब्ती की कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि भोपाल पुलिस ‘डोर-टू-डोर’ (Door-to-Door) अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगी। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो मोहल्लों और गलियों में जाकर लोगों को समझाएंगी कि पतंगबाजी का शौक किसी की जान लेने का सबब न बने।
इंदौर के दर्दनाक हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
राजधानी में यह सक्रियता रविवार को इंदौर में हुई एक रूहानी घटना के बाद बढ़ी है, जहाँ चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक व्यक्ति का गला कट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिछले कुछ सालों में भोपाल और आसपास के इलाकों में भी ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें राहगीरों और बेजुबान पक्षियों को इस ‘कातिल मांझे’ ने गंभीर रूप से घायल किया है। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन अब कड़ा रुख अपना रहा है।
बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंध
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने पहले ही शहर की सीमा के भीतर चाइनीज मांझे के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 (2) के तहत जारी किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई दुकानदार इसे बेचते हुए या कोई नागरिक इसका इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील
पुलिस का कहना है कि चाइनीज मांझा न केवल इंसानों बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद खतरनाक है। यह प्लास्टिक और मेटल के मिश्रण से बना होता है, जो आसानी से नहीं टूटता और करंट का सुचालक भी होता है। प्रशासन ने दुकानदारों और आम जनता से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित सूती धागे (मांझे) का ही उपयोग करें। साथ ही, यदि कहीं भी अवैध रूप से चाइनीज डोर बेची जा रही है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।