सरस्वती शिशु मंदिरों में शिक्षा के साथ संस्कार, सेवा और राष्ट्रभाव को आगे बढाने का कार्य हो रहा- सांसद भोजराज

भानुप्रतापपुर

सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ वार्षिक उत्सव

भानुप्रतापपुर।
सरस्वती शिशु मंदिर भानुप्रतापपुर में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। बच्चों के द्वारा देश भक्ति, मोबाइल का दुरुपयोग, धार्मिक नृत्य के साथ नन्हे-मुन्हे बच्चों के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद भोजराज नाग ने अपने संबोधन में सनातन संस्कृति शिक्षा और विकसित भारत 2047” विषय पर विचार रखते हुए कहा भारत केवल एक भौगोलिक राष्ट्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत आत्मा है। हमारे ऋषि–मुनियों द्वारा स्थापित मूल्य आज भी भारत को दिशा दे रहे हैं और देश पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्ण, महर्षि वेदव्यास, संत कबीर, गुरु नानक देव एवं जनजातीय नायक भगत सिंह, बिरसा मुंडा के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों ने राष्ट्र और मानवता को नई चेतना दी।


उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और अंग्रेजी शासन के कारण भारत की सांस्कृतिक चेतना को आघात पहुँचा। अंग्रेजी शिक्षा ने ज्ञान तो दिया, लेकिन संस्कारों से दूरी बढ़ी। इसी कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों और सरस्वती शिशु मंदिरों ने शिक्षा के साथ संस्कार, सेवा और राष्ट्रभाव को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।
सांसद ने आगे कहा आधुनिक समय मे अंग्रेजी स्कूलों की तुलना करते हुए कहा अंग्रेजी से शिक्षा अधिकारी तो बनाती है, जबकि संस्कारयुक्त शिक्षा सच्चे मानवता, संस्करवान और राष्ट्रसेवक तैयार करने का कार्य सरस्वती शिशु मंदिर कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई हथियारों से नहीं, बल्कि विचारों से लड़ी जा रही है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज़ादी के अमृत महोत्सव और विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। सांसद नाग ने सामुदायिक भवन की घोषणा भी किया।


कार्यक्रम के अध्यक्षता शिशु मंदिर स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुमंत सिन्हा ने कहा स्कूल में पूरे साल में गतिविधियों को नृत्य, भाषण, नाटक के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं बल्कि बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए भारतीय सनातन, संस्कृति, परंपरा की जानकारी के साथ संस्करवान बनाया जाता है जो आगे चलकर अपने माता-पिता बड़ो का हमेशा सम्मान करते है। यहाँ से पढ़कर निकले छात्र-छात्राएं बड़े बड़े पदों में है, सफल व्यवसाय व्यवसायी, जनप्रतिनिधि है। हमारे आचार्य, दीदी जी बहुत ही कम मानदेय पर समर्पण भाव से तमाम समस्याओं के बीच बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रहे है। अभिभावकों को भी धन्यवाद दिया जो संस्कार देने वाले शिशु मंदिर स्कूल में अपने बच्चों को अध्यापन करा रहे है।

विशेष अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी ने कहा सरस्वती शिशु मंदिर बच्चों को संस्करवान बनाने के काम कर रहा है। यहां से पढ़े छात्र-छात्राएं इसरो में भी है बड़े बड़े पदों में है। हमारे धर्म, संस्कृति, सनातन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे है। स्कूल में टीना शेड और शौचालय बनवाने की घोषणा भी किया। विशेष अतिथि विद्या भारती जिला प्रतिनिधि विजय बेसरा ने कहा सरस्वती शिशु मंदिर के उद्देश्यों, कार्यो के बारे में जानकारी दी। विशेष अतिथि गुरदीप सिंह ढींडसा ने कहा सरस्वती शिशु मंदिर बहुत ही पुरानी स्कूल है और सुविधाएं भी बढ़ाई गई है यहाँ बच्चों अच्छा शिक्षा दिया जा रहा है । बच्चों का संस्कार बनाया जाता है।


कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। व्यवस्थापक सोमदेव नायक ने अतिथियों, गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों, प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष सहयोग के लिए आभार प्रदर्शन किया । इस अवसर पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष गजानंद डड़सेना, पार्षद मनदीप कौर ढींडसा, पार्षद विजय धामेचा, सरपंच भेनु दुग्गा, जनपद सदस्य वरुण खापर्डे, नरोत्तम सिंह चौहान, जुगल शर्मा, पूरन सिन्हा, राजा पांडे, नरेश जैन, मनसुखलाल मिश्रा, विशाल आहूजा, त्रिभुवनशंकर यादव, निकेश ठाकुर, ज्ञान सिंह गौर, रमल कोर्राम, अनूप चौधरी, अंशुल जोशी सहित अभिभावक, छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

निरंतर संस्था बेहतर शिक्षा दे रहा

शिशु मंदिर के प्राचार्य थानुराम सिन्हा ने प्रतिवेदन में बताया स्कूल 1985 में 45 बच्चों के साथ नींव रखी गई तब से निरन्तर आगे बढ़ रही है। सुविधाएं बढ़ी है। स्कूल में अरुण से लेकर द्वादश तक कक्षाएं संचालित है बोर्ड परीक्षा में भी अपना अलग स्थान बना रहे है। पिछले वर्ष भी शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल प्रबंधन समिति के द्वारा लगातार शिक्षा के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

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