धमतरी। साल 2007 में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 प्रधान पाठकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ये सभी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल कर लंबे समय से शिक्षा विभाग में पदस्थ थे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और करीब 10 अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जा सकती है। जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं।
जांच में यह पाया गया कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी प्राप्त की और करीब 19 वर्षों तक शिक्षक के रूप में कार्य करते रहे। इस दौरान वे पदोन्नत होकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए और नियमित रूप से सरकारी वेतन लेते रहे।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बताया है।
