
रायगढ़। थाना कोतवाली क्षेत्र की उर्दना बस्ती में हुई मारपीट और धारदार हथियार से हमला मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले इस मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था।
घटना 21 दिसंबर 2025 की रात की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी स्कूटी से पहुंचे और हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए पैसों की मांग की। पैसों की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक व्यक्ति पर टांगी जैसी धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे गंभीर चोटें आई। आसपास के लोगों की मौजूदगी और शोरगुल के कारण आरोपी मौके से फरार हो गए।
इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली ने अपराध क्रमांक 667/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। उसके फरार दो साथियों की लगातार तलाश की जा रही थी।
दिनांक 07 जनवरी 2026 को पुलिस ने फरार आरोपियों आशिक कुजूर और राकेश कुजूर को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 22 और 24 वर्ष है और वे उर्दना बस्ती और ढिमरापुर चौक के निवासी हैं। दोनों को विधिवत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार निगरानी रख रही थी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने और हथियार का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अपराधियों को सजा दिलाना है बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनाए रखना भी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हिंसक और कानून उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में थाना प्रभारी और उनकी टीम की तत्परता और समय पर कार्रवाई ने अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
यह मामला यह दर्शाता है कि रायगढ़ पुलिस अपराध और हिंसा के मामलों में सतर्क है और कानून के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की सहनशीलता नहीं बरतती।