उज्जैन। शिप्रा नदी के तट स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड मंगलवार को अचानक हिंसा का गवाह बन गया। यहां दो गुटों के बीच हुए विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद जमकर लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई। हालात काबू में करने पहुंची पुलिस के एक जवान को गिरने से चोट आई है। घायलों को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार कार्तिक मेला ग्राउंड में पारदी, सांठिया, कंजर और गाडोलिए समाज के लोग लंबे समय से डेरे डालकर रह रहे हैं। ये लोग महाकाल व काल भैरव मंदिर क्षेत्र में फेरी लगाकर धार्मिक सामग्री बेचने, माला-रुद्राक्ष विक्रय और भिक्षावृत्ति जैसे कार्य करते हैं।
मंगलवार शाम करीब आधा दर्जन युवक अलग-अलग डेरों से एकत्र होकर शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान आपसी कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। विवाद बढ़ने पर डेरों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष बाहर आ गए और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों, लात-घूंसों के साथ पत्थरबाजी होने लगी। इस झड़प में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस द्वारा स्थिति संभालने के प्रयास के दौरान एक पुलिसकर्मी गिरकर घायल हो गया। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है।
थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि आपसी विवाद में दो लोगों को चोट आई है, वहीं एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि शराब के नशे में युवकों के बीच विवाद हुआ, जो हिंसक झड़प में बदल गया। फिलहाल किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।