नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा 25वां भारत रंग महोत्सव – भारत का अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव, 2026 का आयोजन करने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित महोत्सव के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में रंगमंच के चुनिंदा और चर्चित नाटकों की प्रस्तुति दी जाएगी, जहां विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा और रंगकला का शानदार प्रदर्शन करेंगे। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी देश के प्रसिद्ध और बहुचर्चित नाटकों की भव्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जो दर्शकों को भारतीय रंगमंच की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि से रूबरू कराएंगी। भारत रंग महोत्सव 2026 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 3 फरवरी से 7 फरवरी 2026 तक रंगमंच प्रेमियों को बेहतरीन नाट्य प्रस्तुतियों का साक्षी बनने का अवसर मिलेगा। दीनदयाल आडिटोरियम में इस पांच दिवसीय आयोजन में बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से आए रंगमंच दल अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से मंच सजाएंगे।


महोत्सव की शुरुआत 3 फरवरी को नाटक ‘पारो’ से होगी। बाबा नागार्जुन के उपन्यास पर आधारित इस नाटक का लेखन विवेक कुमार ने किया है, जबकि निर्देशन शारदा सिंह का है। इस नाटक की प्रस्तुति बिहार के पटना से आए रंगमंच समूह प्रस्तुति द्वारा की जाएगी। हिंदी भाषा में मंचित यह नाटक लगभग दो घंटे का होगा, जिसमें 26 कलाकार भाग लेंगे। इसी दिन उद्घाटन समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
4 फरवरी को पश्चिम बंगाल के गोबरडांगा रंगभूमि समूह द्वारा बांग्ला भाषा में नाटक ‘शास्ति’ प्रस्तुत किया जाएगा। बिरु मुखोपाध्याय द्वारा लिखित और बिधान चंद्र हलदर के निर्देशन में तैयार यह नाटक मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को प्रभावी ढंग से दर्शाता है। नाटक की अवधि लगभग 1 घंटे 10 मिनट होगी।


5 फरवरी को हिंदी रंगमंच का एक कालजयी नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ मंचित किया जाएगा। प्रसिद्ध लेखक मोहन राकेश की यह कृति भोपाल (मध्यप्रदेश) की संस्था द रेज़िंग सोसाइटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। तानाजी के निर्देशन में तैयार यह नाटक कालिदास के जीवन और उनके द्वंद्व को गहराई से प्रस्तुत करता है।
6 फरवरी को रंगकर्मी स्व. बंसी कौल को श्रद्धांजलि स्वरूप नाटक ‘सीधी दर सीधी उर्फ टुक्के पे टुक्का’ का मंचन किया जाएगा। राजेश जोशी द्वारा लिखित और स्वयं बंसी कौल के निर्देशन में तैयार यह प्रस्तुति भोपाल के प्रतिष्ठित रंग समूह रंग विदूषक द्वारा की जाएगी। यह नाटक अपने व्यंग्यात्मक अंदाज़ और सामाजिक टिप्पणियों के लिए जाना जाता है।


महोत्सव का समापन 7 फरवरी को मुंबई (महाराष्ट्र) की संस्था अनुष्ठान सांस्कृतिक संस्थान द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘जोगिया राग’ से होगा। विजय पंडित द्वारा लिखित और देवेंद्र राज अंकुर के निर्देशन में यह नाटक हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें कम कलाकारों के माध्यम से सशक्त भावनात्मक प्रस्तुति दी जाएगी।
भारत रंग महोत्सव 2026 के तहत रायपुर में होने वाली ये सभी प्रस्तुतियां प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से शुरू होंगी। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के रंगमंच प्रेमियों के लिए एक सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा, जहां विभिन्न राज्यों की रंग परंपराओं और अभिनय शैलियों का जीवंत संगम देखने को मिलेगा।