अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश जायसवाल ने पुलिस महानिदेशक और सरगुजा रेंज के आईजी (IG) दीपक कुमार झा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्रामपुर पुलिस और कुछ तथाकथित पत्रकारों ने मिलकर उनके खिलाफ कोयला तस्करी के झूठे मामले में फंसाने का षडयंत्र रचा है। अखिलेश जायसवाल दैनिक समाचार पत्र के प्रतिनिधि होने के साथ-साथ ‘भारतीय पत्रकार समिति छत्तीसगढ़’ के प्रदेश महासचिव भी हैं।
कवरेज के दौरान मारपीट का विरोध करने पर रची गई साजिश
अखिलेश जायसवाल ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि स्थानीय पत्रकारिता की आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ तत्व थाना विश्रामपुर के माध्यम से उन्हें निशाना बना रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 की सुबह पुलिस ने बिलासपुर की ओर से आ रहे कोयला लदे ट्रक (नंबर CG 15 AC 4616) को ग्राम लैंगा के पास रोका था। सूचना मिलने पर वे समाचार संकलन (कवरेज) के लिए मौके पर पहुंचे, जहाँ पहले से ही कुछ अन्य पत्रकार मौजूद थे।
थाने के भीतर ड्राइवर-खलासी की पिटाई का दावा
पत्रकार अखिलेश का आरोप है कि राजापुर चौक पर कुछ लोगों द्वारा ट्रक के ड्राइवर और खलासी को डंडों और मुक्कों से पीटा जा रहा था। जब उन्होंने इस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और मामले की जांच थाने में करने की बात कही। आरोप है कि विश्रामपुर थाने के भीतर भी कुछ तथाकथित पत्रकारों ने घुसकर ड्राइवर और खलासी के साथ मारपीट की, ताकि माहौल बनाया जा सके। जब अखिलेश जायसवाल ने थाने में मारपीट का विरोध किया, तो पुलिस ने उन्हें जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर वहां से भेज दिया।
रिकॉर्डिंग के डर से फंसाने की योजना का आरोप
ज्ञापन में यह भी लिखा गया है कि पुलिस और साजिशकर्ताओं को डर था कि अखिलेश जायसवाल के पास घटना की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है। सूत्रों के हवाले से पत्रकार ने दावा किया कि विश्रामपुर थाना और साइबर पुलिस के कुछ कर्मचारी मिलकर उन्हें ‘अवैध कोयला ट्रक छुड़ाने के प्रयास’ के झूठे मामले में फंसाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने आईजी को स्पष्ट किया कि वे केवल समाचार संकलन के लिए वहां गए थे और अनैतिक कृत्य का विरोध करने पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश जायसवाल ने पुलिस महानिदेशक और आईजी से मांग की है कि पूरे मामले की वास्तविक तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने ज्ञापन में अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ रची जा रही साजिश को बेनकाब किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों व तथाकथित पत्रकारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

