Cyber Security Training : रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में एक बड़ा तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब प्रदेश के सभी शिक्षकों को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) और साइबर सुरक्षा में माहिर बनाया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है, जिसके तहत सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट और अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को भी 50 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग लेनी होगी।
Cyber Security Training : दीक्षा पोर्टल पर होगी ‘स्मार्ट क्लास’ शिक्षकों को यह प्रशिक्षण ‘सतत व्यावसायिक विकास’ (CPD) कार्यक्रम के तहत दीक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दिया जाएगा। इस कोर्स को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के बाद शुरू करने की तैयारी है। खास बात यह है कि ट्रेनिंग के बाद शिक्षकों को एक परीक्षा भी देनी होगी, जिसे पास करने पर ही उन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
ट्रेनिंग में क्या सीखेंगे शिक्षक?
डिजिटल सुरक्षा: मजबूत पासवर्ड बनाना, फर्जी कॉल/मैसेज की पहचान, एंटीवायरस का सही उपयोग और डेटा प्राइवेसी।
आधुनिक तकनीक: रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, टेक्नो-पेडागॉजी और डिजि-लॉकर का प्रभावी इस्तेमाल।
एआई का उपयोग: शिक्षण कार्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेना।
मानसिक स्वास्थ्य: सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव और बच्चों को डिजिटल अवसाद से बचाने के तरीके।
6वीं कक्षा से पाठ्यक्रम में शामिल होगा AI SCERT की योजना केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है। विभाग स्कूली पाठ्यक्रम में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। कक्षा 6वीं से ही एआई (AI) को एक विषय के रूप में शामिल करने पर विचार चल रहा है। शिक्षक खुद प्रशिक्षित होने के बाद स्कूलों में बच्चों को डिजिटल सिटीजनशिप और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की ट्रेनिंग देंगे ताकि वे साइबर ठगी और अनजान लिंक के खतरों से बच सकें।