बिलासपुर। मुंगेली में युवक की आत्महत्या के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कड़ा कदम उठाया है। मृतक द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट की जांच में गंभीर लापरवाही और समय पर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं किए जाने पर कोतवाली थाना के विवेचक उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है।
चिंगराजपारा स्थित किराए के मकान में रहने वाले मुंगेली बरमार निवासी नरेश साहू पिता सुशील साहू का 30 दिसंबर की रात खपरगंज निवासी सोहेल खान के साथ वाहन को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि सोहेल खान ने हिंदू संगठनों के साथ काम करने का हवाला देते हुए नरेश साहू के साथ मारपीट की। इस संबंध में नरेश साहू ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने अपराध दर्ज कर औपचारिक कार्रवाई कर ली और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की।
2 जनवरी को नरेश साहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर हिंदू संगठनों से न्याय की मांग की थी। वीडियो में उसने पुलिस द्वारा बयान बदलने का दबाव बनाए जाने और अन्य लोगों से धमकियां मिलने की बात कही थी। इसके बाद नरेश साहू ने मुंगेली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोतवाली थाने का घेराव किया और चक्काजाम किया। इसके पश्चात पुलिस ने आरोपी सोहेल खान को गिरफ्तार किया।
मामले में कार्रवाई करते हुए 3 जनवरी को एसएसपी रजनेश सिंह ने मृतक द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट की जांच में लापरवाही और त्वरित कार्रवाई नहीं करने पर विवेचक उप निरीक्षक गणेश राम महिलांगे को लाइन अटैच कर दिया। वहीं, मामले की आगे की जांच का जिम्मा सीएसपी गनन कुमार को सौंपा गया है।