Mental Health Tips : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहाँ थकान और मानसिक तनाव एक स्थाई समस्या बन चुके हैं, वहीं ‘योग निद्रा’ एक रामबाण समाधान बनकर उभरी है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के विशेषज्ञों के अनुसार, योग निद्रा न केवल शरीर को रिचार्ज करने का एक सरल तरीका है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वरदान साबित हो रही है। इसे ‘योगिक नींद’ भी कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति सोने और जागने के बीच की एक बेहद गहरी विश्राम अवस्था में होता है।
Mental Health Tips : योग निद्रा का अभ्यास आमतौर पर शवासन में किया जाता है, जिसमें पीठ के बल सीधे लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर तो विश्राम की मुद्रा में होता है, लेकिन मन पूरी तरह सचेत और जागरूक रहता है। किसी प्रशिक्षक या ऑडियो गाइड के निर्देशों का पालन करते हुए शरीर के विभिन्न हिस्सों और सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। मात्र 20 से 40 मिनट का यह अभ्यास घंटों की गहरी नींद जैसी ऊर्जा प्रदान करने की क्षमता रखता है।
इसके फायदों की बात करें तो यह अनिद्रा (Insomnia), चिंता और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में बेहद कारगर है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और याददाश्त मजबूत होती है। चूंकि इसे करने के लिए किसी कठिन शारीरिक आसन की आवश्यकता नहीं है, इसलिए इसे किसी भी उम्र का व्यक्ति घर पर आसानी से कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक जीवन के लिए योग निद्रा को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना एक बेहतरीन निवेश है।