दुर्ग/भिलाई।
दुर्ग पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से दुर्ग-भिलाई में सिंथेटिक हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी करने वाले दो गिरोहों का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक महिला सरगना समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 52 ग्राम चिट्टा, डोडा चूरा, एक स्विफ्ट कार, 9 मोबाइल फोन और लगभग 9 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि जामुल थाना क्षेत्र के ढांचा भवन कुरूद इलाके में एक महिला अपने बेटे के साथ मिलकर पंजाब से चिट्टा मंगवाकर बेच रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने महिला के घर दबिश दी, जहां तलाशी के दौरान 33.360 ग्राम सिंथेटिक हेरोइन और 281.85 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह पंजाब से चिट्टा मंगवाकर 20 हजार रुपए प्रति ग्राम के हिसाब से बेचती थी, जबकि उसका बेटा ग्राहकों तक नशा पहुंचाने का काम करता था।
महिला की निशानदेही पर पुलिस ने चिट्टा बिक्री से अर्जित 8 लाख 90 हजार 400 रुपए नकद भी बरामद किए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब से चिट्टा किस माध्यम से मंगवाया जा रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इसी अभियान के तहत खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की। मिनी स्टेडियम के पास सुलभ शौचालय के नजदीक संदिग्ध हालत में खड़े मिथिलेश पाठक और परमेश्वर ठाकुर उर्फ पिंटू डेफिनेट को घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 8 ग्राम और 6 ग्राम सिंथेटिक चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे पंजाब से चिट्टा लाकर भिलाई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।
आरोपियों की जानकारी पर पुलिस ने दीपक गुप्ता, निहाल राय, लोकेश अवस्थी, रणदीप सिंह और मोहम्मद अल्ताफ को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह खुर्सीपार, न्यू खुर्सीपार, सेक्टर-1 भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस ने जामुल और खुर्सीपार थानों में अलग-अलग मामले दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 24 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि नशे के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।